कहर बनकर टूटी है कोरोना की दूसरी लहर, एक दिन में आए करीब 1 लाख 70 हजार केस, मौतों ने भी तोड़े सारे रिकॉर्ड

कोरोना संक्रमण के मामले में बीता सप्ताह सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हुआ। खासकर रविवार को एक दिन में मिलने वाले कोरोना के नए संक्रमितों की संख्या ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। वर्ल्डोमीटर के मुताबिक देश में एक दिन के अंदर 1,69,899 नए संक्रमित मिले, जो महामारी के बाद से अब तक एक दिन में संक्रमितों की सर्वाधिक संख्या है। इस दौरान 904 और कोरोना मरीजों की मौत हो गई।
 

बीते सप्ताह के सात में से छह दिनों में रोजाना संक्रमण के एक लाख से ज्यादा नए मामले दर्ज किए गए। संक्रमण का ट्रेंड बताता है कि न सिर्फ रोजाना संक्रमण के मामलों में तेजी आई, बल्कि रोजाना ठीक होने वाले में मरीजों की संख्या घट जाने से देश की चिंता बढ़ गई। देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या अब तक के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। राहत की बात यह रही कि कोरोना जांचें और रोजाना टीकाकरण में तेजी आई जो संक्रमण से लड़ने के लिए बेहद जरूरी है।

नए केस : हफ्ते में छह दिन नए संक्रमित एक लाख के पार

देश में पिछले सप्ताह हर दिन औसत 1,24,476 नए कोरोना मामले दर्ज किए गए जबकि पहली लहर के दौरान अधिकतम 97 हजार से कुछ अधिक मामले ही एक दिन के भीतर दर्ज किए गए थे। पिछले रविवार यानी 5 अप्रैल को देश में पहली बार 24 घंटों में एक लाख से कुछ अधिक केस दर्ज किए गए थे। जिसके बाद बीते रविवार यानी 11 अप्रैल की सुबह आठ बजे तक 24 घंटों में 1.52 लाख नए केस आए। इस सप्ताह के सात दिनों में से छह दिनों में रोजाना एक लाख से ज्यादा संख्या में नए केस दर्ज हुए जो भारत में अब तक का सर्वाधिक है। इस समय देश में संक्रमण के कुल मामलों के दोगुने होने की अवधि 60.2 दिन और मौतों के मामलों के दोगुने होने की अवधि 139.5 दिन है।
 

सक्रिय केस : सप्ताहभर में 50 फीसदी बढ़ी इलाजरत मरीजों की संख्या

कोरोना ट्रैक ‘कोविड19इंडिया’ के मुताबिक 5 अप्रैल की सुबह देश में सक्रिय मरीजों का आंकड़ा 7,37,872 दर्ज किया गया था जो 11 अप्रैल की रात तक 11,89,856 हो गया। यानी बीते एक सप्ताह में सक्रिय मरीजों की संख्या में 50 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक रविवार सुबह तक सक्रिय केसों की दर 8.29 प्रतिशत रही जबकि सात दिन पहले यह 5.86 प्रतिशत थी।

रिकवरी रेट : मरीजों के ठीक होने में दो फीसदी गिरावट
पिछले एक सप्ताह के दौरान देश में रिकवरी रेट में कमी आना चिंताजनक है जो एक सप्ताह पहले 92.78 प्रतिशत से घटकर रविवार सुबह तक 90.44 प्रतिशत रह गई। इसका मतलब है कि अस्पतालों से ठीक होने वाले मरीजों की रोजाना तादाद घट रही है, जिससे अस्पतालों पर मरीजों का बोझ बढ़ेगा।

मुत्यु दर : दोगुनी हो गईं रोजाना की मौतें

कोरोना ट्रैक ‘कोविड19इंडिया’ के मुताबिक 5 अप्रैल की सुबह तक 24 घंटे में देश में एक दिन के भीतर 477 कोरोना मरीजों की मौत हुई जबकि रविवार सुबह चौबीस घंटों के भीतर 838 मरीजों की मौत हुई। दूसरी ओर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में रोजाना जितने मरीज संक्रमित हो रहे हैं, उनमें अभी 1.27 प्रतिशत मरीजों की जान जा रही है, जबकि पांच अप्रैल को मृत्युदर 1.31 प्रतिशत थी जो कि आंशिक रूप से कम है।

राहत : रोजाना जांचें व टीकाकरण में उछाल
5 अप्रैल को सरकार ने आठ लाख नमूने ही जांचें, जिसके बाद इसमें लगातार तेजी आई। छह, सात और आठ अप्रैल को 12-12 लाख नमूने जांचे गए। फिर नौ अप्रैल को 13 व 10 अप्रैल को 11 लाख नमूने जांचें गए। बीते रविवार को एक दिन के भीतर 14 लाख से कुछ अधिक नमूनों की जांच की गई। इसी तरह, पिछले एक सप्ताह के दौरान रोजाना टीकाकरण 30 लाख से लेकर 40 लाख के बीच हुआ।

दुनिया में भारत की स्थिति

भारत रोजाना आने वाले नए संक्रमणों के मामले में अब दुनिया में नंबर एक पर पहुंच गया है। वहीं, कोरोना के सक्रिय मामलों और इससे रोजाना सबसे ज्यादा होने मौतें दर्ज करने वाले देशों की सूची में भारत फिलहाल चौथे पायदान पर है। 

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