किसानों का 12 घंटे का भारत बंद, रोकेंगे रेल, सब्जियों और दूध की आपूर्ति पर भी असर

देश के कई हिस्सों में शुक्रवार को रेल और सड़क परिवहन के प्रभावित होने की संभावना है और बाजार भी बंद रह सकते हैं। केंद्र के नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों ने संपूर्ण ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। हालांकि चुनावी राज्यों में यह बंद नहीं होगा। देश भर में राष्ट्रव्यापी बंद 26 मार्च की सुबह छह बजे से शुरू हो गया है और शाम छह बजे तक चलेगा। दिल्ली की तीन सीमाओं-सिंघु, गाजीपुर और टीकरी पर किसान आंदोलन के चार महीने पूरे होने पर बंद बुलाया गया है। 

मोर्चे के नेता दर्शनपाल ने एक वीडियो संदेश में कहा कि बंद के दौरान सब्जियों और दूध की आपूर्ति भी रोकी जाएगी। मोर्चे ने एक बयान में कहा कि संपूर्ण भारत बंद के तहत सभी दुकानें, मॉल, बाजार और संस्थान बंद रहेंगे। सभी छोटे और बड़े मार्ग अवरुद्ध किए जाएंगे और ट्रेनों को रोका जाएगा। एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाएं बंद रहेंगी। भारत बंद का प्रभाव दिल्ली में भी दिखेगा। 

इसने आंदोलकारी किसानों से अपील की कि वे बंद के दौरान शांति बनाए रखें और किसी भी गलत चर्चा या टकराव में शामिल न हों। वरिष्ठ किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि सड़क और रेल परिवहन को अवरुद्ध किया जाएगा और बाजार भी बंद रहेंगे। मोर्चा ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में भी बंद किया जाएगा।

राजेवाल ने कहा कि संगठित और असंगठित क्षेत्र से जुड़ी ट्रेड यूनियनों और परिवहन एवं अन्य संगठनों ने ‘भारत बंद’ के किसानों के आह्वान को अपना समर्थन दिया है। राजेवाल ने कहा कि हालांकि एंबुलेंस और अग्निशमन जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद के दौरान अनुमति होगी।

वहीं, देश में आठ करोड़ व्यापारियों के प्रतिनिधित्व का दावा करनेवाली ‘कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स’ ने कहा कि 26 मार्च को बाजार खुले रहेंगे क्योंकि वह ‘भारत बंद’ में शामिल नहीं है। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि ‘भारत बंद’ का बड़ा प्रभाव हरियाणा और पंजाब में होगा। उन्होंने कहा कि चुनावी राज्यों-तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और पुडुचेरी के लोगों से बंद में शामिल नहीं होने की अपील की गई है।

किसानों के भारत बंद को कांग्रेस का समर्थन 
किसानों के भारत बंद को कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है। कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि 26 मार्च को प्रस्तावित शांतिपूर्ण एवं गांधीवादी भारत बंद को हमारा समर्थन है। उनका कहना है कि बहरे शासकों को जगाने के लिए निर्णायक संघर्ष की जरूरत पड़ती है। मौजूदा किसान आंदोलन इसी कड़ी का हिस्सा है। तीन सौ किसानों की शहादत के बावजूद मूकदर्शक बनी मोदी सरकार को ये जगाने का समय है। 

एसजीपीसी ने भारत बंद का किया समर्थन
भारत बंद के एलान को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने समर्थन देने की घोषणा की है। एसजीपीसी अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने भारत बंद का समर्थन करते हुए शुक्रवार को एसजीपीसी के दफ्तर बंद रखने का फैसला किया है। भारत बंद के दौरान श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व को समर्पित सजाया गया नगर कीर्तन भी 26 मार्च को विश्राम करेगा। 

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