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7 महीने से अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक व जीएनएम को वेतन का भुगतान नहीं

  • अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एन के चौधरी के निधन के बाद वेतन के इंतजार में है स्वास्थ्य कर्मी, नहीं निकल रहा समाधान

नवादा (बिहार)

अनुमंडलीय अस्पताल रजौली में पदस्थापित चिकित्सक, जीएनएम व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को विगत 7 महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। जिससे चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों के बीच आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी कई महीनों से वेतन मिलने के इंतजार में हैं, लेकिन अब तक उनके इस समस्या का समाधान नहीं निकल पा रहा है। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एन के चौधरी का 14 फरवरी 21 को निधन होने के बाद अस्पताल में उपाधीक्षक का पद खाली हो गया था। ऐसे में पीएचसी रजौली के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ बी एन चौधरी को अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक के पद पर प्रशासनिक प्रभार तो दे दिया गया लेकिन उन्हें वित्तीय प्रभार नहीं देने के कारण स्वास्थ्य कर्मियों को वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है। अस्पताल में इस समय 40 ऐसे स्वास्थ्य कर्मी है जिन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इनमें अस्पताल में पूर्व से पदस्थापित 12 जीएनएम शामिल है। इसके अलावा 21 अगस्त 2020 के बाद नए योगदान करने वाली 11 जीएनएम व तीन चिकित्सकों को भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। वहीं अस्पताल में एलाइड कंपनी के माध्यम से कार्यरत सिक्योरिटी गार्ड, एक्सरे टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट आदि कर्मियों को भी वेतन नहीं मिले हैं। जीएनएम का कहना है कि पहले तो बताया जा रहा था कि वेतन का भुगतान करने के लिए आवंटन ही नहीं मिला है। बाद में जब आवंटन मिला भी तो उपाधीक्षक का निधन हो गया। ऐसे में अब उन लोगों को कैसे और कब तक वेतन मिलेगा। कई जीएनएम ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अगर वे लोग वेतन भुगतान को लेकर अपना मुंह खोलना भी चाहती है तो उन्हें कड़ी डांट-फटकार किया जाता है। उन पर स्पष्टीकरण तक की कार्रवाई करने की धमकी भी दी जाती है। लिहाजा वेतन के अभाव में वे लोग आर्थिक संकट को झेलने को मजबूर हैं।

वहीं फार्मासिस्ट का कहना था कि पीएचसी में पदस्थापित किरानी रितेश कुमार अनुमंडलीय अस्पताल में प्रतिनियुक्ति में काम कर रहे हैं। इस कारण उनका अपना वेतन पीएचसी से ही मिल जाता है।लिहाजा वे अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सकों व कर्मियों के लिए वेतन का भुगतान करने के प्रति प्रयासरत नहीं है। वे पूर्व में भी अस्पताल के उपाधीक्षक को भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं देते थे।

चार जगहों के प्रभार में है प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी- अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक के निधन के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रजौली के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ बी एन चौधरी को अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक का प्रभार दिया गया है। इनके उपर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रजौली के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सिरदला के अलावे भी दो जगहों के प्रभार में होने की कथित जानकारी मिली है। ऐसे में एक व्यक्ति के उपर चार-चार संस्थानों का प्रभाव होने से उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों का सहज ही आकलन किया जा सकता है।इस संदर्भ में सिविल सर्जन विमल प्रसाद सिंह ने बताया कि वेतन का भुगतान करने के लिए राशि नहीं है। एक हेड में राशि नहीं होने के कारण वेतन का भुगतान करने में समस्या हो रही है। विभाग के द्वारा जैसे ही आवंटन आएगा, तुरंत वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरुवार की रात तक वेतन की राशि आने की संभावना है। अगर वेतन की राशि मिल जाती है तो अगले दिन ही सभी का वेतन भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपाधीक्षक के निधन के बाद उनका पद खाली हो जाने पर विभाग को पांच-पांच बार पत्र लिखा गया है। बावजूद अब तक उपाधीक्षक के पद पर किसी को पदस्थापित नहीं किया गया है। जिससे स्थानीय स्तर पर काम करने में दिक्कतें हो रही है।

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