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सरकार और प्रशासन की पीड़ित के बजाय आरोपियों को बचाने का दुष्परिणाम पीड़ित परिजनों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है-बृजेन्द्र कुमार सिंह

लखनऊ 10 मार्च 2021।

उ0प्र0 में कानून व्यवस्था इस कदर ध्वस्त हो गयी है कि अब बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों द्वारा पीड़ित के परिजनों की सरेराह हत्याएं की जा रही हैं और सरकार करोड़ों रूपये विज्ञापन में खर्च करके मिशन शक्ति का ढोंग रच रही है। कानपुर में पुलिस की गाड़ी से उतरते ही गैंगरेप पीड़िता के पिता को ट्रक ने कुचल दिया। इस गैंगरेप की घटना मंे दरोगा का बेटा मुख्य आरोपी था। उ0प्र0 के मुख्यमंत्री योगी जी दूसरे प्रदेश में जा-जाकर फर्जी सुशासन व्यवस्था की डींगे हांक रहे हैं और उनके स्वयं के प्रदेश में न्याय देना तो दूर रहा, पीड़ित परिवार की सुरक्षा तक कर पाने में अक्षम साबित हो रहे हैं, कानपुर की घटना इसका जीता जागता उदाहरण है।

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता बृजेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले हाथरस में पीड़ित लड़की के पिता की इसी प्रकार गोली मारकर हत्या कर दी गयी तथा मुख्यमंत्री जी के गृह जनपद में एक डांसर को मंच से उतारकर ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया गया और सबसे दुःखद यह रहा कि जब पीड़िता थाने गयी तो उसकी एफआईआर तक दर्ज नहीं की गयी।

उ0प्र0 में इस प्रकार की घटनाएं जो हमारे प्रदेश की कानून व्यवस्था के पूरी तरह समाप्त हो जाने के मात्र एक बानगी है। ऐसी घटनाएं इसलिए घट रही हैं कि पूर्व में उन्नाव हो, शाहजहांपुर हो, हाथरस हो, जिसमें सरकार पूरी मुस्तैदी के साथ पीड़ित के पक्ष में न होकर अंतिम समय तक आरोपियांे को बचाने में लगी रही लेकिन भला हो, हमारी न्याय व्यवस्था का जिसने स्वतः संज्ञान लेकर पीड़िताओं को न्याय दिलाया। लेकिन इसका दुःखद पहलू यह निकला कि सरकार के आरोपियों के बचाव के चलते इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति के लिए अपराधियों का मनोबल बढ़ गया।

प्रवक्ता ने कहा कि लखनऊ में विगत दिनों सत्तारूढ़ दल के सांसद और विधायिका के पुत्र पर स्वयं गोली चलवाये जाने की घटना में प्रशासन पूरी तरह पक्षपाती कार्यवाही करते हुए सांसद पुत्र की पत्नी को और उसके परिजनों को प्रताड़ित करने में जुटा हुआ है और भाजपा के सांसद एवं विधायक के पुत्र को बचाने में जुटी है। इस तरह के सरकार और प्रशासन की कारगुजारी का ही दुष्परिणाम है कि अब प्रदेश में जहां अपराधी सरेराह अपराध कर रहे हैं वहीं साक्ष्य को मिटाने के लिए पीड़ित परिजनों को मौत के घाट उतारने पर उतारू हैं।

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