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IAS, IPS, PCS, UPSSSC फ्री कोचिंग : हिन्दी के साथ अंग्रेजी में भी होगी क्लास, 15 दिन पर होगा टेस्ट

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में कराई जाएगी। अभी फिलहाल कोचिंग कक्षा की शुरुआत हिंदी माध्यम से हुई है। सीडीओ प्रभाष कुमार ने बताया कि कोचिंग कक्षाओं को हिन्दी के साथ अंग्रेजी में भी चलाया जाएगा। छात्र-छात्राएं भी ऐसी मांग कर रहे हैं। जल्द ही दोनों भाषाओं में छात्रों को कन्टेंट उपलब्ध कराया जाएगा। 

15 दिन पर होगा टेस्ट 
अभ्युदय कोचिंग में पढ़ाई के साथ ही छात्र-छात्राओं का मूल्यांकन भी किया जाएगा। इसके लिए हर पखवारे यानी 15 दिन पर छात्रों का टेस्ट भी लिया जाएगा। सीडीओ बताते हैं कि इससे पता चलेगा कि कितना पढ़ाया गया और कितना छात्रों से सीखा। छात्र भी प्रतियोगी परीक्षा को ध्यान में रख अपना मुल्यांकन भी कर सकेंगे। 

यूपीएससी की कोचिंग 15 जून तक 
एलयू में शुरू हुई यूपीएससी की कोचिंग फिलहाल 15 जून तक चलने की संभावना है। सीडीओ प्रभाष कुमार बताते हैं कि यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा से 15 दिन पहले कोचिंग रोक दी जाएगी। परीक्षा की तारीख के हिसाब से इसका निर्धारण किया जाएगा।  

Success Story Of IAS Topper Bishakha Jain:

Success Story Of IAS Topper Bishakha Jain: यूपीएससी के सफर में असफलता मिलने पर कई लोग निराश होकर उम्मीद खो देते हैं. ऐसे में जो लोग असफलता मिलने के बाद धैर्य रखकर तैयारी करते रहते हैं उन्हें सफलता जरूर मिलती है. ऐसी ही कहानी बिसाखा जैन की है, जिन्हें चार बार यूपीएससी परीक्षा में असफलता मिली, लेकिन पांचवें प्रयास में उनका सपना पूरा हो गया. तीन बार लगातार असफलता मिलने के बाद वे निराश हो गईं और सीए की नौकरी ज्वाइन कर ली. हालांकि इसके बाद भी उन्होंने तैयारी जारी रखी और उन्हें सफलता मिल गई.

बचपन से पढ़ाई में टॉपर रहीं

बिसाखा जैन बचपन से ही पढ़ाई में काफी अच्छी थीं और हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में उनके बहुत अच्छे नंबर आए. इसके बाद उन्होंने सीए की प्रवेश परीक्षा दी और इसमें भी उन्हें सफलता मिल गई. उन्होंने अपने सीए की पढ़ाई कंप्लीट करने के बाद यूपीएससी में उतरने का फैसला किया. उन्हें उम्मीद थी कि वे यूपीएससी की परीक्षा पास कर लेंगी. ऐसा हुआ भी लेकिन इसके लिए उन्हें कई साल तक मेहनत करनी पड़ी.

ऐसा रहा यूपीएससी का सफर

साल 2015 में बिसाखा ने यूपीएससी की पहली बार परीक्षा दी थी. इसमें वे सफल नहीं हो पाईं. वे दूसरी कोशिश में इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन उनका सपना इस बार भी पूरा नहीं हो पाया. तीसरे प्रयास में भी उन्हें सफलता नहीं मिली और इसके बाद वे निराश हो गईं. ऐसे में उन्होंने एक कॉरपोरेट कंपनी में नौकरी ज्वाइन कर ली. हालांकि उनका सपना अभी भी आईएएस बनने का था. नौकरी करते हुए उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और चौथा प्रयास किया, जिसमें वे प्री परीक्षा पास नहीं कर पाईं. एक बार फिर उन्होंने प्रयास किया और उन्होंने प्री परीक्षा पास कर ली. इसके बाद उन्होंने नौकरी से इस्तीफा देकर मेंस की तैयारी शुरू कर दी. इस बार उनकी किस्मत अच्छी रही और उनका सिलेक्शन हो गया. इस तरह कई उतार-चढ़ाव के बाद उन्हें सफलता मिली.

दूसरे कैंडिडेट्स को बिसाखा की सलाह

बिसाखा कहती हैं कि यूपीएससी की परीक्षा पास करने वाले कैंडिडेट्स को असफलताओं से नहीं घबराना चाहिए. जब आप असफल हों, तो बेहतर तैयारी के बाद दोबारा प्रयास करें. कई बार सफलता मिलने में वक्त लगता है लेकिन ईमानदारी से मेहनत करने पर सफलता जरूर मिलती है. यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्र सही रणनीति बनाकर परीक्षा में बेहतर करने की कोशिश करें. लगातार मेहनत करने पर आपको सफलता जरूर मिलेगी.

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