Array

सिनेमाघरों के पूरी तरह खुलते ही आई फिल्मों की बाढ़

सिनेमाघरों के पूरी तरह खुलते ही आई फिल्मों की बाढ़

पिछले साल पूरे देश में कोरोना महामारी की वजह से सम्पूर्ण लॉकडाउन लगा। उसके बाद सिनेमाघरों को भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। जिसकी वजह से सिनेमाघर मालिकों को बहुत ज्यादा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा था। जो फिल्में बन कर रिलीज के लिए तैयार थीं वो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज कर दी जा रही थीं और जो बन रहीं थी उनके रिलीज को लेकर संशय बना हुआ था। हालांकि लॉकडाउन ख़त्म होने के कुछ दिनों बाद ही सरकार ने सिनेमाघरों को 50% दर्शक क्षमता के साथ शुरू करने का आदेश दे दिया था। इसके बावजूद भी कोई नई बड़ी फिल्म रिलीज नहीं हो पा रही थी। सिनेमाघरों की स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई थी। तमिलनाडु, अभिनेता विजय की फ़िल्म ‘मास्टर’ के रिलीज के साथ सिनेमाघरों को पूरी तरह खोलने का आदेश देने वाला पहला राज्य बना। इसपर केंद्र ने आपत्ति जताई थी लेकिन ‘मास्टर’ फ़िल्म के कलेक्शन ने दर्शकों के रुझान को बता दिया। अब केंद्र सरकार ने भी 1 फरवरी से पूरे देश के सभी सिनेमाघरों को 100% दर्शक क्षमता के साथ खोलने की छूट दे दी है। इस छूट के साथ कोरोना बचाव संबंधी कुछ नियम भी बनाये हैं जिसका सख्ती से पालन करने का भी आदेश दिया है। इस ख़बर के बाद सिनेमाघरों के मालिकों में खुशी की लहर है। पिछले एक साल से बंद पड़े सिनेमाघरों में फिर से बहार आने वाले हैं। बहार इसलिए क्योंकि अब बॉलीवुड की अधिकतर बड़ी फिल्मों के सिनेमाघरों में रिलीज होने की घोषणा भी हो गयी है। मार्च से लेकर दिसंबर तक सिनेमाघरों में फिल्मों की बाढ़ आने वाली है। फिल्मों के साथ-साथ बॉक्सऑफिस पर भी पैसों की बारिश होने वाली है।

ये बड़ी फिल्में कर सकती हैं सिनेमाघरों को सूखा खत्म-

पिछले साल अक्षय कुमार की फिल्म ‘सूर्यवंशी’ रिलीज के लिए बिल्कुल तैयार थी लेकिन अचानक से पूरे विश्व को अस्थिर कर देने वाले कोरोना महामारी के कारण सभी बड़ी फिल्मों के रिलीज पर ग्रहण लगा हुआ था। पर अब ये ग्रहण छंटने वाला है। हर बार की तरह ईद की बुकिंग इए बार भी सलमान खान ने करा रखी है। सलमान खान की ‘राधे’ ईद पर आ रही है। रणवीर सिंह की दो फिल्में ’83’ और ‘जयेश भाई जोरदार’ क्रमशः 4 जून और 27 अगस्त को सिनेमाघरों में आएंगी। अजय देवगन की ‘मैदान’ दशहरा पर रिलीज होगी। इस साल सबसे खास नज़र अक्षय कुमार पर होगी। उनकी इस साल चार फिल्में आने वाली हैं हालांकि उनकी सबसे बड़ी और पिछले साल से चर्चा में रही ‘सूर्यवंशी’ को लेकर अभी कोई घोषणा नहीं हुई है लेकिन ट्रेड पंडितों के मानना है कि थिएटर मालिकों को इसी फिल्म का साल के शुरुआती दिनों में इंतज़ार है। जैसी चर्चा है उस हिसाब से इसके अप्रैल के पहले हफ्ते में रिलीज करने की घोषणा हो सकती है। इसके अलावा अक्षय की तीन फिल्में ‘बेल बॉटम’, ‘अतरंगी रे’ और ‘पृथ्वीराज’ क्रमशः 28 मई, 6 अगस्त और 5 नवंबर को रिलीज होंगी। अक्षय इस साल बॉक्स ऑफिस के सबसे बड़े खिलाड़ी और थिएटर मालिकों के लिए लॉटरी जैसे होने वाले हैं। साथ ही साथ जॉन अब्राहम भी अपनी तीन फिल्मों के साथ तैयार हैं, ‘मुम्बई सागा’, ‘सत्यमेव जयते’ और ‘अटैक’ जो 19 मार्च, 14 मई और 13 अगस्त को आने को तैयार हैं। रणबीर कपूर और संजय दत्त की शमशेरा 25 जून को सिनेमाघरों में आएगी। ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कबीर सिंह’ देने के बाद बॉक्सऑफिस पर शाहिद कपूर की ‘जर्सी’ से भी बड़ी उम्मीदें हैं जो कि 5 नवंबर को दीवाली पर आने वाली है।

फिल्में जो चौका सकती हैं दर्शकों को

कुछ फिल्में ऐसी हैं जो इन बड़ी फिल्मों की भीड़ के बीच अपनी दावेदारी पेश करने की तैयारी कर चुकी हैं। जिसमें सबसे पहले राजकुमार राव की हॉरर कॉमेडी ‘रूही’ है जो 11 मार्च को रिलीज के साथ शुभारंभ करने वाली है। इसके बाद से संजय लीला भंसाली के निर्देशन और आलिया के अभिनय वाली ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ 30 जुलाई, सैफ और अर्जुन कपूर की ‘भूत पुलिस’ 10 सितंबर, कंगना रनौत की ‘थलैवी’ 23 अप्रैल, सिद्धार्थ मल्होत्रा की ‘शेरशाह’ 25 जुलाई, अमिताभ बच्चन की चेहरे और झुंड क्रमशः 30 अप्रैल और 18 जून, कार्तिक आर्यन की ‘भूल भुलैया-2’ 19 नवंबर, आयुष्मान खुराना की ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ 9 जुलाई और ‘अनेक’ 17 सितंबर को रिलीज होने वाली हैं। ये सभी फिल्में छोटे बजट की तो हैं लेकिन ये बॉक्सऑफिस को बड़ा लाभ देने का माद्दा रखती हैं।

साउथ की बड़े स्टार्स की बड़ी फिल्में भी हैं लाइन में-

जहां एक ओर बॉलीवुड फिल्मों का हिंदी भाषी दर्शक इंतज़ार कर रहे हैं। वहीं साउथ इंडस्ट्री के कई बड़े स्टार्स की फिल्मों को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह है। थालापति विजय की ‘मास्टर’ ने साल के शुरुआत में आकर एक झलक दिखा दी है। लेकिन सबसे ज्यादा किसी फिल्म की चर्चा है, तो वो है ‘केजीएफ चैप्टर-2’ जो 16 जुलाई को रिलीज होगी. साल 2018 में आई साउथ के रॉकस्टार यश की फिल्म ‘केजीएफ’ ने हिंदी भाषा में रिकॉर्ड के कई आयाम स्थापित किये थे। दर्शकों ने इसे खूब पसंद भी किया था इसलिए इसके दूसरे पार्ट को लेकर दर्शकों का उत्साह स्वाभाविक है। इसके बाद नम्बर आता है बाहुबली फेम निर्देशक एस एस राजामौली की फिल्म ‘आरआरआर’ का। बाहुबली के बाद ही इस फिल्म की घोषणा हुई तब से ये फिल्म बन रही थी और इसके मेकिंग की खबरों ने फिल्म के प्रति दर्शकों के जुनून को और बढ़ा दिया है। ये 13 अक्टूबर को रिलीज होगी। साउथ और भी बड़ी फिल्में जो हिंदी में आ रही हैं उनमें से बाहुबली फेम एक्टर प्रभास की ‘राधेश्याम’ 30 जुलाई, अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा’ 13 अगस्त, विजय देवेराकोंडा की ‘लाइगर’ 9 सितंबर और सेष आदिवी की ‘मेजर’ 2 जुलाई को आने को तैयार है। साउथ इंडस्ट्री की फिल्मों को लेकर हिंदी दर्शकों के रुझान को देखते हुए भविष्य में और बड़ी फिल्मों के हिंदी में आने की घोषणा हो सकती है।

इस साल बड़ी फिल्मों के भिड़ंत पर बाजार की नज़र-

इस साल एक दो नहीं बल्कि कई सारी बड़े स्टार्स की फिल्में आमने सामने बॉक्सऑफिस पर टकराने वाली हैं। हमेशा बॉक्सऑफिस के पंडितों द्वारा ये कहा जाता रहा है कि बड़ी फिल्मों की भिड़ंत व्यवसाय को बांट देती हैं। कमाई पर प्रभाव भी डालती हैं। दर्शक बंट जाते हैं कमाई बंट जाती है। एक साथ दो फिल्मों के आने से ज्यादातर दर्शक किसी एक को ही चुनते हैं। कई सारे गणित चलते हैं सिनेमाई बाजार में लेकिन इस बार हालात ऐसे हैं कि फिल्मों की बाढ़ आई हुई है इसलिए कोई डेट सुरक्षित नहीं। हर हफ्ते किसी न किसी से टकराव होना निश्चित ही है। इसलिए सभी मेकर अपने फायदे के अनुसार तारीख चुन रहे हैं। इस बड़ी भिड़ंत में से एक है ईद पर सलमान खान की ‘राधे’ और जॉन अब्राहम की ‘सत्यमेव जयते-2’ की भिड़ंत. इसके बाद दीवाली पर अक्षय कुमार की ‘पृथ्वीराज’ और शाहिद कपूर की ‘जर्सी’ आमने सामने होंगी। दशहरा पर अजय देवगन की ‘मैदान’ के सामने साउथ की बड़ी फिल्म ‘आरआरआर’ रहने वाली है। स्वतंत्रता दिवस पर जॉन अब्राहम की ‘अटैक’ और अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा’ का टक्कर होगा। अक्षय की एक और फ़िल्म ‘बेल बॉटम’ के सामने बड़ी हॉलीवुड फिल्म फ़ास्ट एंड फ्यूरियस 9′ रहने वाली है।

इन सभी फिल्मों में से अधिकतर वो फिल्में हैं जो पिछले साल सिनेमाघरों में आने वाली थीं लेकिन आ नहीं पाईं। अभी बहुत सी फिल्मों के रिलीज की घोषणा होनी बाकी है। बाजार में बहुत गर्मागर्मी है सभी अपने-अपना गणित लगा रहे हैं। पूरे एक साल तक आर्थिक अस्थिरता थिएटर से जुड़े लोगों पर छाई हुई थी। अब ये मौका है फिर से थिएटर में सीटियों और तालियों के गूंजने का। भारत में थिएटर संस्कृति का पुराना इतिहास है जिसे फिर से जीवंत होने का मौका मिला है। ओटीटी के बढ़ते लोकप्रियता के बीच थिएटर भी खुद अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है। फिल्मों के आने के बाद दर्शकों का रुझान की बता पायेगा कि सिनेमा जगत पिछले साल के नुकसान की भरपाई कैसे कर पाता है, कैसे सिनेमाघरों की लगभग थम चुकी सांसों में फिर ऑक्सीजन भरता है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

22,037FansLike
2,875FollowersFollow
18,100SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles