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Tuesday, November 30, 2021

उत्तर प्रदेश सरकार को डर किस बात का? क्या छिपाना चाहती सरकार-प्रियंका गांधी वाड्रा

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लखनऊ 20 अक्टूबर 2021
भगवान बाल्मीकि जयंती के दिन पुलिस की अभिरक्षा में योगी सरकार की क्रूरता का पुलिस थानें में शिकार हुए अरुण वाल्मीकि की मौत पर दुख व्यक्त करने आगरा जाते समय अखिल भारतीय कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी को जबरन पुलिस द्वारा अभद्रतापूर्ण तरीके से रोकने व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू सहित अनेक कांग्रेसजनों से दुर्व्यवहार की उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने घोर निंदा करते हुए कहा कि अहंकारी भाजपा हारेगी और न्याय की विजय होगी।


उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग के संयोजक व प्रवक्ता अशोक सिंह ने जारी बयान में कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थित में शोक संतृप्त परिवार को ढांढस बंधाने से भी योगी सरकार प्रियंका जी को रोकने का बार-बार दुस्साहस करती है, इसका जवाब जनता देगी।


प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने पूरे घटनाक्रम पर कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को डर किस बात का है? वह अरुण बाल्मीकि की पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत में क्या छिपाना चाहती है, उन्होंनें कहा कि अरुण बाल्मीकि की मौत पुलिस हिरासत में हुई है, परिवार न्याय मांग रहा है, मुझे मिलने जाने से रोकना सरकार का औचित्यहीन कृत्य है।

प्रियंका गांधी ने कहा कि भगवान बाल्मीकि जयंती पर अरुण वाल्मीकि की पुलिस हिरासत में मौत के लिये जिम्मेदार कौन है? सरकार को बताना होगा, उंन्होंनें इस घटना पर प्रधानमंत्री पर करारा हमला करते हुए कहा कि महात्मा बुद्ध पर बड़ी-बड़ी बातें करने वाले पीएम उनके संदेशों पर हमला कर रहे है, सरकार की कार्यवाही कानून व्यवस्था ध्वस्त करने तक सीमित हो चुकी है, उत्तर प्रदेश में न्याय मिलना असम्भव हो चुका है, लोगों को कुचलने की हर कोशिश सरकार द्वारा की जा रही, अरुण का परिवार न्याय चाहता है, उसके परिवार को न्याय मिले, इसकी आवाज उठाना सरकार को औचित्यहीन लगता है, यह लोकतंत्र में न्याय के साथ खिलवाड़ करने की प्रवृत्ति भाजपा सरकार का अहंकार है, न्याय की आवाज को दबाने की कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी।
  उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आगरा जाते समय योगी सरकार पुलिस के बल पर अभद्रता करने पर उतारू थी,उसने प्रियंका जी साथ जा रहे कांग्रेस जनों के साथ दुर्व्यवहार पूर्ण रवैये की निंदा करते हुए कहा कि सरकार न्याय की आवाज को दबाना व शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने के अधिकार से भी वंचित रखना चाहती है यह तानाशाही लोकतंत्र में स्वीकार्य नही है।

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